भारतीय आधुनिक इतिहास 

  


त्रिपुरी संकट (1939)


 1939 के त्रिपुरी (मध्य प्रदेश) अधिवेशन में सुभाष चंद्र बोस ने महात्मा गांधी के समर्थन के खिलाफ पट्टाभी सीतारमैया को चुनाव में हरा दिया था। गांधीजी से वैचारिक मतभेद और विवाद के कारण सुभाष जी ने बाद में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

महत्वपूर्ण तथ्य:

 चुनाव में हार: पट्टाभी सीतारमैया (गांधीजी समर्थित)।

इस्तीफे के बाद कांग्रेस के नए अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद।

 1940 (रामगढ़ अधिवेशन): अध्यक्ष अबुल कलाम आजाद बने।

 1946 (मेरठ अधिवेशन): अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी (स्वतंत्रता के समय)।

 बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन (1905)


 अंग्रेजों ने राष्ट्रीय आंदोलन को कमजोर करने और सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने के लिए "फूट डालो और राज करो" की नीति के तहत प्रशासनिक कारण बताकर बंगाल विभाजन का निर्णय लिया। इसके विरोध में 1905 में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ।

महत्वपूर्ण तथ्य (तारीखें):

रूपरेखा: 19 जुलाई 1905

घोषणा: 20 जुलाई 1905

 लागू: 16 अक्टूबर 1905 (जिसे 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया)।

 उस समय भारत का वायसराय: लॉर्ड कर्जन।

आंदोलन से जुड़े अन्य तथ्य:

विरोध की शुरुआत: 7 अगस्त 1905 (कलकत्ता के टाउन हॉल में 'बग-भग' आंदोलन की घोषणा)।

 रक्षाबंधन: रवींद्रनाथ टैगोर के सुझाव पर राखी बांधी गई। बांग्लादेश का राष्ट्रगान 'आमार सोनार बांग्ला' इसी समय रवींद्रनाथ जी द्वारा लिखा गया था।

 स्वदेशी आंदोलन का सर्वप्रथम विचार: कृष्ण कुमार मित्र (संजीवनी पत्रिका में)।

कांग्रेस की अनुमति: बनारस अधिवेशन (अध्यक्ष - गोखले)।

नेतृत्व: सुरेंद्रनाथ बनर्जी + आनंद मोहन बोस।

 स्वदेशी बांधव समिति का गठन: अश्विनी कुमार दत्त।

डॉन सोसाइटी (शिक्षा के लिए): सतीश चंद्र मुखर्जी।

 3. स्वदेशी आंदोलन का विस्तार (देश के अन्य हिस्सों में नेतृत्व)


पूना/बॉम्बे: तिलक

दिल्ली: सैयद रज़ा

मद्रास: चिदंबरम पिल्लई

पंजाब: अजीत सिंह, लाला लाजपत राय

राष्ट्रीय शिक्षा कोष की स्थापना: 1906 (अध्यक्ष - एस.के. मलिक)

पहला स्वदेशी कॉलेज: रंगपुर (कोलकाता) - 1906

बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना: 1906 (कोलकाता) - प्रधानाचार्य: अरविंद घोष।

बंगाल टेक्निकल इंस्टीट्यूट: 1906

इण्डियन सोसाइटी ऑफ ओरिएंटल आर्ट्स:अनींद्रनाथ टैगोर द्वारा भारत माता का चित्र।

शांतिनिकेतन की स्थापना: 1906 (रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा)।

विशेष:मुस्लिम समाज का एक बड़ा वर्ग इस आंदोलन में शामिल नहीं हुआ था।


 4. बंगाल विभाजन रद्द और दिल्ली दरबार (1911)


 1911 में तीसरे दिल्ली दरबार का आयोजन किया गया जिसमें ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम और महारानी मेरी आए थे। इसी दरबार में बंगाल विभाजन को रद्द करने और राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा हुई।

महत्वपूर्ण तथ्य:

भारत का वायसराय: लॉर्ड हार्डिंग द्वितीय।

 घोषणा: 1911 | लागू: 1912।


 5. मुस्लिम लीग (1906)

 मिंटो के इशारे पर मुसलमानों के लिए अलग राजनीतिक दल के रूप में मुस्लिम लीग की स्थापना हुई। 1 अक्टूबर 1906 को आगा खान के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल शिमला में मिला और पृथक निर्वाचन मंडल की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य:

स्थापना: 30 दिसंबर 1906 (ढाका में)।

संस्थापक/नेतृत्व: नवाब सलीमुल्लाह (सह-संस्थापक - आगा खान)।

 जिन्ना का प्रवेश: 1913 में मोहम्मद अली जिन्ना मुस्लिम लीग से जुड़े और इसका पुनर्गठन करके नाम 'अखिल भारतीय मुस्लिम लीग' रखा।

मुख्यालय: पहले अलीगढ़, बाद में लखनऊ।

 सरोजिनी नायडू ने मोहम्मद अली जिन्ना को "हिंदू-मुस्लिम एकता का दूत"कहा था।