कामागाटामारू प्रकरण (1914) 


• शुरुआत: गुरदित्त सिंह (सिंगापुर के भारतीय व्यापारी) ने 1914 में कामागाटामारू नामक एक जापानी समुद्री जहाज को किराए पर लिया। 

• यात्रा विवरण: वह 376 यात्रियों को लेकर वैंकूवर (कनाडा) की ओर रवाना हुए। 

• प्रतिबंध: यह जहाज 23 मई 1914 को कनाडा पहुँचा, लेकिन कनाडा सरकार ने सख्त कानूनों का हवाला देकर यात्रियों को प्रवेश देने से मना कर दिया। 

• कमेटी का गठन: यात्रियों के अधिकारों के लिए 'तटीय कमेटी' (Shore Committee) बनाई गई, जिसमें सोहन लाल पाठक, हुसैन रहीम और बलवंत सिंह जैसे नेता शामिल थे। 

• बज बज आगमन: जहाज 27 सितंबर 1914 को हुगली के बज बज (कोलकाता) बंदरगाह पर वापस पहुँचा। यहाँ ब्रिटिश पुलिस के साथ यात्रियों की हिंसक झड़प हुई, जिसमें 18 यात्री मारे गए और 202 यात्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि कुछ यात्री भागने में सफल रहे। 


नौजवान भारत सभा (1926) 


• स्थापना: मार्च 1926, पंजाब। 

• संस्थापक: भगत सिंह (सह-संस्थापक: छबील दास और यशपाल)। 

• मुख्य उद्देश्य: देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाना और मजदूरों व किसानों का एक स्वतंत्र राज्य स्थापित करना। 


हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) - 1924 


• स्थापना: अक्टूबर 1924 में कानपुर में की गई। 

• संस्थापक: सचीन्द्र नाथ सान्याल। 

• सक्रिय सदस्य: रामप्रसाद बिस्मिल, योगेश चंद्र चटर्जी, अशफाक उल्ला खाँ, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह आदि। 


काकोरी ट्रेन एक्शन (काकोरी कांड) • दिनांक व स्थान: 9 अगस्त 1925 को काकोरी (लखनऊ के पास) में हुआ। 

• घटनाक्रम: क्रांतिकारियों ने सहारनपुर से लखनऊ जाने वाली 8-डाउन ट्रेन को रोककर ब्रिटिश सरकार का सरकारी खजाना लूट लिया। 

• कार्रवाई: इस मामले में 29 क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया गया। 

• फांसी की सजा: इस घटना के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा निम्नलिखित क्रांतिकारियों को फांसी दी गई: 


 • रामप्रसाद बिस्मिल – गोरखपुर जेल 

 • राजेंद्र लाहिड़ी – गोंडा जेल 

 • अशफाक उल्ला खाँ – फैजाबाद जेल 

 • रोशन सिंह – इलाहाबाद (प्रयागराज) जेल 


• विशेष नोट: चंद्रशेखर आजाद ब्रिटिश पुलिस के चंगुल से बचकर भागने (फरार होने) में सफल रहे। वह एक ऐसे क्रांतिकारी थे जो अंग्रेजों के हाथ कभी नहीं आए। 

. हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA)


स्थापना: 10 सितंबर 1928 को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में हुई (HRA का नाम बदलकर HSRA किया गया)।

* संस्थापक: भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद।

सक्रिय सदस्य: भगवतीचरण वोहरा, सुखदेव, और शिव वर्मा आदि।


4. साइमन कमीशन और लाला लाजपत राय की मृत्यु


* साइमन कमीशन का गठन: 8 नवंबर 1927 को हुआ। इसके अध्यक्ष जॉन साइमन थे।

* विरोध का कारण: इस कमीशन के सभी सदस्य श्वेत (अंग्रेज) थे। किसी भी भारतीय को शामिल न करने का सुझाव लॉर्ड इरविन ने दिया था। इसके कारण भारतीयों ने इसका कड़ा विरोध किया।

* भारत आगमन: साइमन कमीशन 3 फरवरी 1928 को मुंबई पहुंचा, जहाँ इसे 'काले झंडे' दिखाए गए और "साइमन वापस जाओ" के नारे लगाए गए।

* लाला जी पर लाठीचार्ज: पंजाब में साइमन कमीशन का विरोध लाला लाजपत राय के नेतृत्व में हो रहा था। विरोध प्रदर्शन के दौरान अंग्रेजों द्वारा किए गए लाठीचार्ज में लाला जी गंभीर रूप से घायल हो गए।

* प्रसिद्ध कथन: घायल होने पर लाला लाजपत राय ने कहा था— "मेरे पीठ पर लाठी का एक-एक प्रहार अंग्रेजी ताबूत की कील साबित होगा।"

* मृत्यु: 17 नवंबर 1928 को चोटों के कारण लाला लाजपत राय का निधन हो गया।

  सांडर्स की हत्या (लाला जी की मृत्यु का बदला)


* योजना: HSRA के सदस्यों ने लाला जी की मौत का बदला लेने के लिए पुलिस अधिकारी स्कॉट को मारने का निश्चय किया था।

* घटना: 17 दिसंबर 1928 को पहचान की चूक के कारण क्रांतिकारियों ने स्कॉट की जगह सांडर्स की गोली मारकर हत्या कर दी।


  दिल्ली असेंबली बम कांड


* तारीख: 8 अप्रैल 1929 को यह घटना हुई।

* क्रांतिकारी: भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय असेंबली में खाली बेंचों पर बम फेंके।

* मुद्दे/विधेयक: यह बम विरोध स्वरूप फेंका गया था जब असेंबली में Trade Dispute Bill (व्यापार विवाद विधेयक) और Public Safety Bill (जन सुरक्षा विधेयक) पर चर्चा चल रही थी।

* उद्देश्य: इनका उद्देश्य किसी को मारना नहीं, बल्कि बहरों को सुनाना और अपनी आवाज जनता तक पहुँचाना था।

महत्वपूर्ण नारे


* "इंकलाब जिंदाबाद" का नारा भगत सिंह द्वारा लोकप्रिय बनाया गया।

* इस नारे के वास्तविक रचनाकार (लेखक) हसरत मोहानी थे।